दान का महत्व।


मनुष्य को अपना आस्तित्व वनाये  रखने  के लिए दान अवश्य करना चाहिए । क्योंकि संसार में हमने जो कमाया हम धनवान हो गए यह सब प्रकृति की देन है और जो व्यक्ति निर्धन है गरीव है वह भी प्रकृति की ही देन है उस हिसाब से सभी व्यक्ति प्रकृति के नियमानुसार एक ही श्रेणी में आते हैं  और सभी एक ही भूमी के पुत्र हैं । इस तरह हमें कोई अधिकार नहीं है कि एक व्यक्ति पांच सितारा होटल में खाना खाए और दुसरा सडक पर भूखा सोए । फिर हर व्यक्ति का ककर्तव्य है कि पिछडे बर्ग में निर्धन बिमार असहाय को हमेशा दान कर सहायता करें ।





पं पुरूषोत्तम शर्मा